80C और 80D दोनों टैक्स बचाते हैं, लेकिन दोनों का काम अलग है। समझें कि किसमें कितनी छूट, बीमा का क्या रोल, और पुराने vs नए रिजीम में क्या चुनें।
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📅 Book a Free Call 💬 WhatsApp Us| 80C | 80D | |
|---|---|---|
| छूट सीमा | ₹1.5 लाख/साल | ₹25 हज़ार (माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हों तो ₹50 हज़ार) |
| बीमा | लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम (टर्म, एंडोमेंट, ULIP) | हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम |
| और क्या | PPF, EPF, ELSS, होम लोन मूलधन, ट्यूशन फीस | हेल्थ चेक-अप (₹5 हज़ार तक) |
मार्च में 'टैक्स बचाने' के चक्कर में एंडोमेंट/ULIP लेकर 15 साल तक 4–5% रिटर्न पर पैसा फँसाना सबसे बड़ी गलती है। सही तरीका: 80C के लिए PPF/ELSS + शुद्ध टर्म प्लान + 80D के लिए हेल्थ इंश्योरेंस।
हाँ — ये अलग-अलग सेक्शन हैं। पुराने रिजीम में एक ही साल में 80C में ₹1.5 लाख और 80D में ₹25,000 (माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हों तो ₹50,000) तक क्लेम कर सकते हैं।
हाँ — टर्म प्रीमियम 80C के ₹1.5 लाख लिमिट में गिना जाता है।
80D के तहत — खुद/परिवार के लिए ₹25,000 तक, माता-पिता के लिए अलग से ₹25,000–₹50,000 तक। सिर्फ पुराने रिजीम में।
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